
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्रौद्योगिकी संस्थान, टनकपुर में ‘सॉफ्ट स्किल्स’ पर दो-दिवसीय विशेषज्ञ व्याख्यान
टनकपुर। डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्रौद्योगिकी संस्थान, टनकपुर (AKIT) के प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट प्रकोष्ठ द्वारा 12–13 नवम्बर 2025 को ‘सॉफ्ट स्किल्स एवं व्यक्तित्व विकास’ विषय पर एक व्यापक दो-दिवसीय विशेषज्ञ व्याख्यान का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को भविष्य के कार्यक्षेत्र में आवश्यक व्यक्तित्व गुणों, प्रोफेशनल व्यवहार, इंटरव्यू-तैयारी एवं प्रभावी संवाद कला से सशक्त बनाना था।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल एम. पी. सिंह, ने अपने अनुभवों के माध्यम से छात्रों को बताया कि तकनीकी ज्ञान आज केवल एक आधार है, लेकिन करियर की सफलता संचार कौशल, नेतृत्व क्षमता, टीम वर्क, आत्म-अनुशासन और दबाव में शांत रहने नसिकता के साथ अवसरों का सामना करना चाहिए। उन्होंने छात्रों को साइबर सुरक्षा, डिजिटल व्यवहार, और आधुनिक कार्यस्थलों में आवश्यक व्यावहारिक अपेक्षाओं के बारे में भी मार्गदर्शन दिया।
इसी क्रम में डॉ. प्रियंका सिंह (Pharm D.) ने छात्रों को बॉडी लैंग्वेज, आत्मविश्वास, प्रभावी अभिव्यक्ति, प्रोफेशनल एटीकेट, सकारात्मक सोच और करियर-विशेष प्रस्तुति कौशल पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में AI और तकनीकी विशेषज्ञता के साथ-साथ “मानवीय कौशल”—जैसे सहानुभूति, टीम सहयोग, समस्या समाधान क्षमता और भावनात्मक बुद्धिमत्ता—हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।उन्होंने छात्रों को यह भी सिखाया कि सार्वजनिक मंच पर कैसे बोलें, चेहरे के भाव कैसे नियंत्रित करें, कैसे अपनी बात को स्पष्ट और प्रभावशाली तरीके से सामने रखें, और भीड़ के सामने बोलने के डर को कैसे दूर करें।
पूरा कार्यक्रम प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट टीम डॉ. अंजली सिंह, सहायक प्रोफेसर स्नेह लता सिंह और रविन्द्र सिंह द्वारा संचालित किया गया। टीम ने छात्रों को प्लेसमेंट प्रक्रिया, उद्योग की वर्तमान मांग, रिज़्यूमे निर्माण, इंटरव्यू-शिष्टाचार और भविष्य के करियर अवसरों से भी अवगत कराया। टीम ने इस बात पर जोर दिया कि छात्रों को अब केवल डिग्री नहीं, बल्कि साफ अभिव्यक्ति, तेज़ निर्णय क्षमता, व्यवहारिक दक्षता और पेशेवर आत्मविश्वास विकसित करना आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान संस्थान के निदेशक प्रो. हरद्वारी लाल मंडोरिया ने मुख्य अतिथियों का स्वागत किया और उन्हें स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल छात्रों की तैयारी को मजबूत करते हैं, बल्कि उन्हें वास्तविक उद्योग वातावरण की समझ भी प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ और संकाय सदस्य उपस्थित रहे। पूरे आयोजन को छात्रों ने अत्यंत लाभकारी और प्रेरणादायक बताया।



