कार्यक्रम का परिचय
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्रौद्योगिकी संस्थान, टनकपुर में सेवा संकल्प (धारिणी) फ़ाउंडेशन द्वारा “वृहद संयुक्त जन जागरूकता अभियान – 2025” का आयोजन 25 नवंबर 2025 को गंभीर, औपचारिक और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना के साथ संपन्न हुआ।
यह अभियान नशा-मुक्त उत्तराखंड एवं साइबर अपराध जागरूकता पर केंद्रित रहा, जिसका मुख्य उद्देश्य युवाओं में आत्म-अनुशासन, सामाजिक जिम्मेदारी और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का आरम्भ स्वागत समारोह से हुआ। इसके बाद मुख्य अतिथि श्रीमती गीता धामी, ट्रस्टी—सेवा संकल्प (धारिणी) फ़ाउंडेशन, तथा संस्थान के निदेशक प्रो. हरद्वारी लाल मंडोरिया द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया।
CSE प्रथम वर्ष की छात्राएँ — रिया, दीक्षा, सुमेरा और अमृता द्वारा उत्तराखंड की पारंपरिक संस्कृति पर आधारित स्वागत गीत एवं नृत्य प्रस्तुति दी गई, जिसने सभी का मन मोह लिया।
संस्थान के निदेशक ने मुख्य अतिथि को शॉल और पौधा भेंट कर सम्मानित किया।
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शॉल—भारतीय संस्कृति में सम्मान का प्रतीक
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पौधा—पर्यावरण संरक्षण एवं सकारात्मक शुरुआत का द्योतक
लघु फिल्म प्रदर्शन
सेवा संकल्प (धारिणी) फ़ाउंडेशन द्वारा निर्मित जागरूकता-प्रधान लघु फिल्म प्रदर्शित की गई, जिसमें दिखाया गया कि कैसे एक प्रतिभाशाली युवक एक गलत कदम के कारण नशे के दुष्चक्र में फँस जाता है।
फिल्म का मुख्य संदेश था—
“नशा क्षणिक राहत है, परंतु स्थायी विनाश।”
मुख्य वक्ता
1. सुश्री वंदना वर्मा (उप पुलिस अधीक्षक, चंपावत पुलिस विभाग)
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नशा-निवारण की वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डाला।
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बताया कि हाल के अभियानों में लगभग 3 करोड़ रुपये मूल्य के नशीले पदार्थ जब्त किए गए।
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युवाओं से नशे से दूर रहने और दूसरों को जागरूक करने का आह्वान किया।
2. डॉ. प्रो. नंदन सिंह बिष्ट (आपातकालीन चिकित्सा विभाग, दून मेडिकल कॉलेज)
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मानव शरीर की 3.5 अरब वर्ष की विकास यात्रा को समझाया।
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कहा—
“इतने जटिल और मूल्यवान शरीर को नशे से नष्ट करना प्रकृति के प्रति अन्याय है।”
भाषण प्रतियोगिता
प्रतियोगिता में ए.के.आई.टी. के विभिन्न वर्षों के विद्यार्थियों ने भाग लिया।
छात्रों ने अपने विचार शायरियों, रचनात्मक पंक्तियों और आत्मविश्वासपूर्ण अभिव्यक्ति के साथ प्रस्तुत किए।
इससे उनकी संवेदनशीलता, सोच और प्रस्तुति कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन हुआ।
नुक्कड़ नाटक — हास्य के माध्यम से चेतना
छात्रों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक में दिखाया गया कि कैसे एक व्यक्ति मज़ाक या मित्रता की आड़ में नशे के जाल में फँस जाता है।
हास्य और सशक्त संवादों के माध्यम से गहरा संदेश सरलता से प्रस्तुत किया गया।
पुरस्कार वितरण समारोह
भाषण प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया:
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🥇 प्रथम स्थान — उत्तम तिवारी (CSE, चौथा वर्ष)
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🥈 द्वितीय स्थान — मोनिका पांडे (CSE)
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🥉 तृतीय स्थान — दिया जोशी (AI–ML, द्वितीय वर्ष)
विजेताओं को ट्रॉफी और प्रमाणपत्र मुख्य अतिथि श्रीमती गीता धामी द्वारा प्रदान किए गए।
मुख्य अतिथि का संबोधन
श्रीमती गीता धामी ने अपने सरल, शांत और प्रभावी शब्दों में नशे के बढ़ते प्रभाव की गंभीरता को समझाया।
उन्होंने कहा—
“नशे के विरुद्ध यह लड़ाई तभी सफल होगी, जब हम सभी मिलकर एकजुट प्रयास करेंगे।”
उन्होंने विद्यार्थियों को जागरूक नागरिक बनने और समाज में नशा-मुक्ति का संदेश फैलाने का आग्रह किया।
शपथ ग्रहण समारोह
सभी विद्यार्थियों ने सामूहिक शपथ ली कि—
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वे कभी नशे का सेवन नहीं करेंगे।
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किसी नशा-संबंधित गतिविधि में शामिल नहीं होंगे।
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समाज में नशा-मुक्ति की जागरूकता फैलाने का प्रयास करेंगे।
समापन
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गान के साथ हुआ।
सेवा संकल्प (धारिणी) फ़ाउंडेशन, संस्थान प्रशासन और विद्यार्थियों के संयुक्त प्रयास से यह अभियान नशा-मुक्त और सुरक्षित उत्तराखंड की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।
कार्यक्रम में सहायक प्राध्यापक एवं संकाय सदस्य —
डॉ. अभिषेक पाठक, नेहा बिष्ट, अंजना, स्नेहलता, नरेश, जगत पाल सिंह तथा संस्थान के डिप्टी रजिस्ट्रार उपस्थित रहे।
सभी विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों ने कार्यक्रम की सफलता में अपनी उपस्थिति दर्ज की।