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टनकपुर में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्रौद्योगिकी संस्थान में 77वां गणतंत्र दिवस “वंदे मातरम् के 150 वर्ष”थीम के साथ मनाया गया

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्रौद्योगिकी संस्थान में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर देशभक्ति और राष्ट्रीय चेतना से ओतप्रोत भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस वर्ष कार्यक्रम की विशेष थीमवंदे मातरम् के 150 वर्षरही, जिसने आयोजन को ऐतिहासिक और प्रेरणादायक स्वरूप प्रदान किया। समारोह का आयोजन संस्थान के निदेशक प्रोफेसर हरद्वारी लाल मंडोरिया के नेतृत्व में संपन्न हुआ, जिसमें संस्थान के सभी छात्र, शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान परिसर में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ हुई। निदेशक प्रो. हरद्वारी लाल मंडोरिया ने ध्वजारोहण किया, जिसके पश्चात सभी उपस्थितजनों ने राष्ट्रगान का सामूहिक गायन किया। पूरा वातावरण राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय गौरव की भावना से गूंज उठा।

ध्वजारोहण के उपरांत अपने संबोधन में निदेशक महोदय ने वर्ष 2025 के दौरान संस्थान की सभी शैक्षणिक, अकादमिक एवं सहशैक्षणिक उपलब्धियों का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने संस्थान की प्रगति, विद्यार्थियों की उपलब्धियों तथा भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। निदेशक महोदय ने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर अपने संबोधन में संविधान निर्माताओं एवं अमर शहीदों को नमन करते हुए कहा कि 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ भारतीय संविधान लोकतंत्र, समानता, धर्मनिरपेक्षता और न्याय का आधार है तथा यही हमारे राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने बताया कि हमारा संस्थान संविधान के मूल्यों के अनुरूप शिक्षा, नवाचार और सामाजिक दायित्व के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहा है, जिसके अंतर्गत वर्ष 2025 में स्टार्टअप बूट कैंप, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की हैकथॉन एवं डिज़ाइन प्रतियोगिताओं में संस्थान के छात्रों की उल्लेखनीय उपलब्धियाँ तथा नशा मुक्ति व साइबर अपराध जागरूकता जैसे सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। निदेशक महोदय ने विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने, संविधान का सम्मान करने और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने हेतु निरंतर प्रयासरत रहने का आह्वान करते हुए सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। साथ ही उन्होंनेवंदे मातरम्के 150 वर्षों की ऐतिहासिक विरासत, स्वतंत्रता संग्राम में इसके योगदान तथाएक भारत, श्रेष्ठ भारतकी भावना को आत्मसात करने का संदेश दिया।

इस अवसर पर अखंड प्रताप सिंह, बी.टेक (AI & ML), द्वितीय वर्ष के छात्र ने गणतंत्र दिवस एवं वंदे मातरम् के महत्व पर प्रभावशाली भाषण दिया। उनके ओजस्वी विचारों ने सभी उपस्थित छात्रों में राष्ट्रप्रेम और कर्तव्यबोध की भावना को और अधिक सशक्त किया। इन्होंने बताया कि आज़ादी के सत्तर से अधिक वर्षों बाद भी हम उसी संविधान के मूल्यों के साथ जीवन जी रहे हैं, युवा नागरिकों के रूप में हमारी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि आने वाले भारत का निर्माण आज ही हमारी कक्षाओं, घरों और आदतों में हो रहा है। इस गणतंत्र दिवस पर हम न केवल अपने संविधान का उत्सव मनाएं, बल्कि अपने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को भी नमन करें, जिसकी रचना बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने की और जिसने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान राष्ट्रीय एकता के प्रतीक के रूप में कार्य किया, भारत की विविधताओं को एक सूत्र में पिरोते हुए यह संदेश दिया कि भारत की वास्तविक शक्ति उसकी सीमाओं या सेनाओं में नहीं, बल्कि उसके नागरिकों के चरित्र में निहित है।

कार्यक्रम के दौरान सभी छात्र, शिक्षक एवं कर्मचारियों द्वारा सामूहिकवंदे मातरम्का गायन किया गया। यह क्षण अत्यंत भावुक और प्रेरणादायक रहा, जिसने पूरे वातावरण को देशभक्ति की भावना से भर दिया। गणतंत्र दिवस पर आयोजित यह समारोह केवल उत्सव का प्रतीक नहीं रहा, बल्कि इसने सभी को संवैधानिक मूल्यों, लोकतांत्रिक आदर्शों और नागरिक कर्तव्यों की याद दिलाई। संस्थान ने यह संदेश दिया कि शिक्षा के साथसाथ राष्ट्रनिर्माण में सक्रिय सहभागिता भी प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। इस अवसर पर डॉ. अभिषेक पाठक (उप कुलसचिव), सभी विभागाध्यक्ष, शिक्षक, कर्मचारी एवं संस्थान के सभी छात्र उपस्थित रहे।

Start Time

12:00 am

January 26, 2026

Finish Time

12:00 am

January 27, 2026

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