डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्रौद्योगिकी संस्थान में उत्साह और जागरूकता के साथ मनाया गया अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, टनकपुर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं ने विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण और समाज में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित किया। कार्यक्रम का संचालन बी.टेक सीएसई द्वितीय वर्ष की छात्राएँ दिशा और मोनिका ने किया। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों का स्वागत करते हुए अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएँ दीं और इस दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर बी.टेक द्वितीय वर्ष की कम्प्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग की छात्रा सोनाक्षी जोशी ने अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि “जब महिलाएँ आगे बढ़ती हैं, तो समाज भी उनके साथ आगे बढ़ता है।” अपने संबोधन में उन्होंने महिलाओं की भूमिका के महत्व को बताते हुए Savitribai Phule के योगदान को भी याद किया।
इसी क्रम में बी.टेक प्रथम वर्ष आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग की छात्रा दिया पाठक ने इतिहास की महान महिलाओं के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने Marie Curie की प्रतिभा और वैज्ञानिक उपलब्धियों का उल्लेख किया तथा Rani Lakshmibai की वीरता और साहस को स्मरण किया।
इसके पश्चात बी.टेक प्रथम वर्ष कम्प्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग की छात्रा अमृता ने कविता पाठ प्रस्तुत किया। उनकी कविता की पंक्तियाँ—
“नारी ही शक्ति है, उससे ही जग में उजियारा,
उसी से घर में नूर और खूबसूरती;
नारी ही शक्ति है, वही समाज की शैली है।”
—ने उपस्थित विद्यार्थियों को प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान एक रोचक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। पहले चरण में प्रसिद्ध महिलाओं के उद्धरण दिखाए गए, जिनमें Bachendri Pal और Gaura Devi के कथन शामिल थे। दूसरे चरण में दर्शकों को तस्वीरों के माध्यम से महिलाओं की पहचान करनी थी, जिनमें Ritu Karidhal और Sudha Murty की तस्वीरें दिखाई गईं।
इसके बाद बी.टेक द्वितीय वर्ष कम्प्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग की छात्रा मानसी रावत ने अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि आज महिलाएँ हर क्षेत्र में नई ऊँचाइयों को छू रही हैं—चाहे वह विज्ञान हो, साहित्य, दर्शन या अन्य क्षेत्र।
कार्यक्रम के अंत में संस्थान के निदेशक महोदय प्रो. हरद्वारी लाल मंडोरिया ने अपने संबोधन में समाज में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और समावेशिता की सराहना की। उन्होंने सभी से समानता को बढ़ावा देने और महिलाओं को सशक्त बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एक महिला ही वह मार्गदर्शक शक्ति होती है जो बच्चों को बचपन से ही सही और गलत का अंतर सिखाती है, इसलिए समाज निर्माण में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम का समापन महिला सशक्तिकरण के संदेश के साथ हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। इस कार्यक्रम में रजिस्ट्रार महोदय, डीन महोदय, सभी शिक्षकगण, कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।